लोकतंत्र रक्षक सेनानी स्वर्गीय ब्रह्माशरण खन्ना जी की स्मृति में विभिन्न विभूतियों का सम्मान

बिजनौर । लोकतंत्र रक्षक सेनानी स्मृति शेष ब्रह्मा शरण खन्ना की 35 वीं पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों की पांच विभूतियों को सम्मानित किया गया वही कार्यक्रम में पांच साहित्यकारों का भी सम्मान किया गया।

स्थानीय जैन धर्मशाला में स्वर्गीय ब्रह्मशरण खन्ना स्मृति समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ देहरादून से आए मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार सत्येंद्र शर्मा तरंग, विशिष्ट अतिथि पवन कुमार शर्मा ,मुख्य वक्ता डॉ पंकज भारद्वाज, कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. अरविंद शर्मा द्वारा संयुक्त रूप से मां सरस्वती एवं  स्वर्गीय ब्रह्मशरण खन्ना के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन  से किया गया।  
कार्यक्रम में विक्रांत शर्मा (पर्यावरण प्रेमी) डॉ. राघव मेहरा ( शिक्षाविद), 
प्रशांत महर्षि (समाजसेवा) मनोज मानव (हिंदी साहित्य) प्रवीण शास्त्री ( श्री राम कथा मर्मज्ञ) को सम्मानित किया गया।
इनके अलावा वरिष्ठ साहित्यकार डॉ अनिल शर्मा अनिल, गीतकार नरेंद्र जीत अनाम, डाॅ. सूची शर्मा को भी समिति की तरफ से हिंदी साहित्य में किए गए योगदान के लिए सम्मानित किया गया। 
सभी अतिथियों का सम्मान समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र प्रकाश भटनागर, संयोजक गोपाल खन्ना, महामंत्री प्रभात अग्रवाल, उपाध्यक्ष रितेश भटनागर ने स्मृति चिन्ह अंग वस्त्र एवं माल्यार्पण कर किया।
 इस अवसर पर मुख्य अतिथि सत्येंद्र शर्मा तरंग देहरादून ने अपने संबोधन में कहा कि इंसान के देह छोड़ने के बाद समाज में उसके द्वारा किए गए कार्य ही याद किए जाते हैं। उन्होंने स्वर्गीय ब्रह्माशरण खन्ना के द्वारा समाज में जगाई गई अलख पर प्रकाश डाला। विशिष्ट अतिथि पवन कुमार शर्मा ने भी कहा कि स्वर्गीय ब्रह्मा शरण खन्ना जैसे व्यक्तित्व समाज के लिए आदर्श के रूप में स्थापित है। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ पंकज भारद्वाज ने कहा कि स्वर्गीय ब्रहमाशरण खन्ना ने स्वयं के जीवन को संघ के लिए समर्पित कर नए कार्यकर्ता तैयार करने में अहम भूमिका निभाई थी। भले ही वह शिखर का पत्थर ना बन सके किंतु आज भी उन्हें नींव के पत्थर के रूप में जाना जाता है। डॉ. भारद्वाज ने स्वर्गीय ब्रह्मशरण खन्ना जैसे आदर्शवादी संघ निष्ठ  व्यक्ति के समुचित सम्मान की मांग रखी।  कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डाॅ. अरविंद शर्मा ने स्वर्गीय ब्रह्मशरण खन्ना के जीवन से जुड़े कई संस्करण सुनाएं। इससे पहले समिति अध्यक्ष सुरेंद्र प्रकाश भटनागर ने संस्था के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला । 

डॉ राघव मेहरा के संचालन में आयोजित कार्यक्रम में डॉ अनिल शर्मा अनिल, मनोज मानव, नरेंद्रजीत अनाम, डाॅ  शूचि शर्मा का काव्य पाठ बेहद सराहा गया। लोकगीतकार कर्मवीर सिंह के लोकगीत ने भी उपस्थित जन को आकर्षित किया।  
कार्यक्रम में डॉक्टर जीआर गुप्ता, कृष्णा कॉलेज के डायरेक्टर पवन कुमार, ब्रजवीर सिंह, सतपाल त्यागी, सुनील भारद्वाज, देवेश अग्रवाल, सुनील राजपूत, रविंद्र सिंह यादव, गोपाल शर्मा धीमान, राजीव शर्मा, गौरव भारद्वाज, श्रीश खन्ना, राजकिशोर खन्ना, विनोद खन्ना, मनोज यादव, नीरज कांत सोती, बाला सिंह, योगेश भटनागर एडवोकेट, प्रीति भटनागर, शिखा भटनागर, महिमा भटनागर, रंजन हरित, डॉ एमके अग्रवाल, मंगू लाल भारद्वाज, डॉ राकेश कुमार, 
विनोद कुमार शर्मा, भावना भारद्वाज, दिग्विजय सिंह, डॉ सुमित बंसल, रूपेश राजपूत, अंजू शर्मा, जगदीश चंद्र वर्मा, अवनीश निगम, गिरधारी खन्ना, हरपाल सिंह, हरिओम नामदेव, आलोक शर्मा, हर्षित अग्रवाल, दिनेश शर्मा, अरूण गर्ग, अमरपाल शर्मा, नीरज चौधरी, आचार्य महेश कुमार आदि लोग उपस्थित थे।
अनत में राष्ट्रगान और वंदेमातरम्भा,रत माता की जय के नारों के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

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