फायकू एक नयी विधा
फायकू हिन्दी साहित्य की नवीनतम विधा फायकू का उद्भव, उत्तर प्रदेश में जनपद बिजनौर के ऐतिहासिक पौराणिक नगर नजीबाबाद में हुआ। फायकू के प्रवर्तक युवा साहित्यकार संपादक अमन कुमार त्यागी द्वारा साहित्यिक काव्य विधाओं के भंडार की श्रीवृद्धि फायकू के द्वारा की गयी। तीन पंक्ति में नौ शब्दों का ऐसा अद्भुत संयोजन है फायकू, जिसके पढ़ने, सुनने वाले के मुख से वाह निकलना स्वाभाविक है और रही लिखने वाले के आनंद की बात तो उसके लिए अभी मैं शब्द नहीं जुटा पा रहा। एक अलौकिक आनंद की अनुभूति होती है,बस यह मान लीजिए। क्योंकि इसके रचने में रचनाकार का समर्पण भाव मुख्य रहता है। तीसरी पंक्ति तुम्हारे लिए लिखते ही 'तेरा तुझको अर्पण,क्या लागे मेरा' का भाव हृदय में उत्पन्न होता है। देश भर में 150 से अधिक रचनाकार इस विधा में सर्जनरत है।अपने जनपद बिजनौर में ही लगभग तीन दर्जन फायकूकार निरंतर सर्जनरत रहकर फायकू काव्य साहित्य का भंडार समृद्ध कर रहे हैं। जनपद बिजनौर के फायकूकारों द्वारा बिजनौर जनपद के संबंध में रचे गये फायकू काव्य पर आधारित ओपन डोर का यह अंक निकालने का विचार अमन जी से बा...
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